देव दीपावली तक बनारस की सभी नावें होंगी इको फेंडली, प्रदूषणमुक्त माहौल में पर्यटक करेंगे नौका विहार


हाइलाइट्स

वाराणसी स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ डी वासुदेवन बोले, 80 फीसदी नावें सीएनजी फिटेड हो गईं.
डॉ डी वासुदेवन ने कहा कि बाकी 20 फीसदी नावें भी देव दीपावली से पहले सीएनजी में कन्वर्ट हो जाएंगी.

रिपोर्ट : अभिषेक जायसवाल

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में देव दीपावली (Dev Dipawali) तक पर्यटक गंगा (Ganga) की गोद में प्रदूषणमुक्त माहौल के बीच सैर कर सकेंगे. इसके लिए वाराणसी की सभी नावों को सीएनजी (CNG) में कन्वर्ट किया जा रहा है. माना जा रहा देव दीपावली से पहले इस काम को पूरा कर लिया जाएगा. नावों में नाविक आसानी से सीएनजी भरवा सकें इसके लिए नमो घाट (Namo Ghat) पर देश का पहला फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन भी बनाया गया है.

नावों के सीएनजी में कन्वर्ट होने के बाद पर्यटक बिना धुएं और तेज आवाज के साथ गंगा की सैर कर पाएंगे. करीब डेढ़ साल से नावों को सीएनजी में बदलने का काम जारी है. आपको बता दें कि अभी तक नावों में डीजल इंजन लगा होता था, जिससे निकलने वाले काले धुएं के कारण न सिर्फ पर्यटकों को परेशानी होती थी बल्कि साथ गंगा भी प्रदूषित होती थी. लेकिन नावों के सीएनजी में कन्वर्ट होने के बाद इन समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी.

80 फीसदी नावें हो गईं सीएनजी फिटेड

वाराणसी स्मार्ट सिटी (Varanasi Smart City) के मुख्य महाप्रबंधक डॉ डी वासुदेवन ने बताया कि अभी तक हमलोगों ने 80 फीसदी नावों को सीएनजी में कन्वर्ट किया है. बाकी 20 फीसदी नावें भी देव दीपावली से पहले सीएनजी में कन्वर्ट हो जाएंगी. इससे नाविकों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में सीएनजी किफायती है. इस किफायत का सीधा फायदा नाविकों को मिलेगा. बताते चलें कि गेल इंडिया कॉरपोरेशन के सीएसआर फंड से नावों को इको फ्रेंडली बनाया जा रहा है, जिसमें करीब 30 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं. बता दें कि कारपोरेट सोशल रिस्पॉसब्लिटी का शॉर्टटर्म है सीएसआर.

Tags: CNG, UP news, Varanasi news



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