ब्लॉक प्रमुख की धमकी से परेशान अधिवक्ता ने गोली मारकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामदlawyer commits suicide due to extortion case in mahoba upns– News18 Hindi


महोबा. यूपी के महोबा (Mahoba) जिले में ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव व उसके साथियों द्वारा बेटे से 60 लाख रुपये वसूले जाने और रिपोर्ट दर्ज कराने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने से परेशान अधिवक्ता मुकेश पाठक (50) ने अपनी लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रायफल व एक सुसाइड नोट बरामद किया है. वहीं मृतक के परिजन एसआईटी जांच समेत 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे है. घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकि की तलाश में छापेमारी कर रही है.

मृतक ने सुसाइड नोट में कबरई ब्लॉक प्रमुख द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की साजिश रचने के चलते आत्महत्या का कदम उठाए जाने की बात लिखी है. महोबा मुख्यालय के छतरपुर रोड निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने पुलिस को तहरीर देकर ब्लॉक प्रमुख समेत पांच लोगों पर आरोप लगाया था कि बीते वर्ष मार्च माह से मई माह तक पुत्र शिवम पाठक उर्फ छाेटू को डरा धमकाकर चेक व नकदी के माध्यम से 60 लाख रुपए की वसूली की.

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उसकी और पत्नी की चेक बुक भी ले ली, पिटाई के बाद दहशत में आए शिवम ने जानकारी नहीं दी. इसके बाद दिसंबर माह में फिर से शिवम की पिटाई की. पीड़ित की पुलिस ने नहीं सुनी तो एसपी से मामले की शिकायत की. मामले में क्षेत्राधिकारी सदर कालू सिंह की जांच के बाद 8 फरवरी को पुलिस ने आरोपित ब्लाक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव, विक्रम यादव, रवि सोनी, आनंद मोहन यादव व अंकित सोनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था. मुकदमा दर्ज होने के पांच दिन बाद शनिवार की रात मुकेश कुमार पाठक की आवास के अंदर गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.



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