बहन-भाई और भाई-भाई को रजिस्ट्री पर नहीं देनी होगी फीस, Noida अथॉरिटी की लगी मुहर


नोएडा. प्लॉट-फ्लैट (Plot-Flat) की रजिस्ट्री कराने वालों को नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने एक बड़ी राहत दी है. कुछ खास रजिस्ट्री पर अथॉरिटी अब अपने हिस्से की फीस नहीं लेगी. गुरुवार को अथॉरिटी ने बोर्ड बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. प्रस्ताव के तहत भाई अगर बहन को या फिर बहन भाई को प्लाट या मकान ट्रांसफर (Plot Transfer) करती है, तो अथॉरिटी इस पर फीस (Fees) नहीं लेगी. सीईओ की मंजूरी मिलने के बाद अब इस नियम को लागू कर दिया जाएगा. अभी तक अथॉरिटी इस तरह की आवासीय रजिस्ट्री पर ढाई फीसद तक फीस लेती है.

कोरोना की वजह से बढ़ गई ऐसे केस की संख्या

जानकारों का कहना है कि कोरोना के बाद से नोएडा अथॉरिटी में ऐसे केस की संख्या बढ़ गई थी, जहां दादा अपने पोते के नाम और भाई की प्रापर्टी दूसरे भाई के नाम ट्रांसफर करना चाहते थे. क्योंकि कोरोना के चलते बेटे की मौत हो चुकी थी. दादा भी अपनी उम्र के चलते प्रापर्टी परिवार के नाम करना चाहते हैं, लेकिन स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस के चलते आवेदन करने के बाद भी बहुत सारे लोग प्रापर्टी ट्रांसफर कराने नहीं आ रहे थे, लेकिन अब नोएडा अथॉरिटी की इस छूट का ऐसे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा. दादा और पोते वाले मामले में अथॉरिटी पहले छूट दे चुका है.

प्लाट पर निर्माण के इस नियम में भी दी बड़ी छूट

नोएडा अथॉरिटी से प्लाट आवंटन कराने के बाद एक तय वक्त में उस पर निर्माण कराना होता है. अगर आवंटी तय वक्त में निर्माण नहीं करा पाता है तो तय फीस भरने के बाद अथॉरिटी से और वक्त ले सकता है. लेकिन कोरोना के चलते इस मामले में भी अथॉरिटी ने बड़ी छूट दी है. अथॉरिटी ने बोर्ड बैठक में फैसला लिया है कि तय वक्त बीतने के बाद निर्माण के लिए समय बढ़वाने पर आवंटन दर का एक फीसद देना होगा. पहले यह दर 4 फीसद थी. दूसरे से 10 साल के लिए 2 फीसद से 10 फीसद तक लिया जाएगा. अथॉरिटी के इस नियम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

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कोरोना में प्रापर्टी को लेकर आई थी यह परेशानी

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी के पति की मौत हो गई तो किसी के पिता इस दुनिया से चले गए. आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं. सोचा कि फ्लैट बेचकर घर का गुजारा चला लें, तो मालूम पड़ा कि अपना होते हुए भी फ्लैट बिक नहीं सकता है. क्योंकि पूरा पैसा लेने के बाद भी बिल्डर्स ने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की है.

इसलिए कोई भी खरीदार बिना रजिस्ट्री के फ्लैट लेने को तैयार नहीं है. ग्रेटर नोएडा और नोएडा में यह कहानी किसी एक नहीं हजारों घरों की थी और आज भी है. लेकिन बिल्डर्स के हाथों मजबूर हैं कि कुछ कर नहीं सकते. नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मेन एसोसिएशन भी इस मामले को कई बार उठा चुकी है.

Tags: Corona 19, Noida Authority, Own flat



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