भाला फेंक में मेरठ की बेटी ने विश्व एथलेटिक्स में फिर से गाड़े झंडे, दूसरी बार फाइनल में


मेरठ. उत्तर प्रदेश में मेरठ की बेटी अन्नू रानी ने जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शानदार परफॉरमेंस दी है. 29 वर्षीय अन्नू रानी ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया है. 21 जुलाई को महिलाओं की जैवलीन थ्रो स्पर्धा में 59.60 मीटर दूर भाला फेंककर अन्नू रानी ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. वह जैवलीन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बनाने वाली पहली भारतीय हैं. इससे पहले साल 2019 में दोहा में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के क्वालीफिकेशन राउंड में आठवें नंबर पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया था.

अन्नू की फाइनल स्पर्धा 22 जुलाई  यानी शुक्रवार को होगी. अन्नू रानी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर चुकी हैं. 28 जुलाई से इंग्लैंड के बरमिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स होंगे. अमेरिका के ऑरेगोन में हो रही चैंपियनशिप में अन्नू रानी ने जैवलिन थ्रो स्पर्धा में प्रतिभाग किया है. उनका बेस्ट थ्रो 59.60 मीटर रहा, जिसके प्रदर्शन पर उन्होंने फाइनल में जगह बना ली. अन्नू रानी ने अपने पहले प्रयास में 55.35 तथा अंतिम प्रयास में 59.60 मीटर के थ्रो के साथ क्वालीफिकेशन बर्थ का दावा किया. इससे पहले दोहा में 2019 में हुई एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी अन्नू का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 63.82 मीटर है.

अन्नू की परफॉर्मेंस को देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि वे फाइनल में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी. बता दें कि फाइनल में पहुंचने वाले एथलीट्स में पहले स्थान पर जापान की हरुका है, जिन्होंने इस सीजन में अपना बेस्ट प्रदर्शन देते हुए 64.32 मीटर भाला फेंका है. 29 वर्षीय अन्नु रानी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 63.82 मीटर है, जो इस वर्ष की शुरुआत में जमशेदपुर में किया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था.

कजाकिस्तान में जीता था स्वर्ण
चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने के बाद मेरठ की ओलिम्पियन एथलीट अन्नू रानी ने कजाकिस्तान में भी स्वर्ण पदक जीता था. कजाकिस्तान में आयोजित कोसानोव मेमोरियल एथलेटिक्स मीट में अन्नू रानी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 62.29 मीटर दूरी तक भाला फेंककर भारत के लिए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया था.

देश के लिए पदक लाने की चाह
अन्नू रानी के बड़े भाई उपेंद्र कुमार ने बताया कि इसके बाद उनका लक्ष्य ब्रिटेन में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का है. उपेंद्र कुमार ने बताया कि अन्नू रानी टोक्यो ओलिम्पिक में पदक से चूक गई थी लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में वह अपने प्रदर्शन को सर्वोच्च रखना चाहती हैं. उनकी तैयारी भी उसी दिशा में चल रही है, जिससे वह देश के लिए पदक जीतकर ला सकें.

Tags: Javelin Throw, Meerut news



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