Beijing has never given up on its ambitions for Taiwan: President Tsai Ing Wen | बींजिग ने ताइवान के प्रति अपनी महत्वाकाक्षांओं को कभी नहीं छोड़ा: राष्ट्रपति त्साई इंग वेन



डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। ताइवान और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। चीन के राष्ट्रीय  दिवस के बाद से पैदा तनाव और गहराता जा रहा है। चीन ने अपने स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान 38 लड़ाकू विमानों का जखीरा ताइवान से गुजारा था। हाल ही में 1 अक्टूबर को चीन ने अपना आजादी दिवस मनाया। इसी शुक्रवार के दिन रात में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने ताइवान के रक्षा क्षेत्र में कई युध्द विमान उड़ाए। जिसे लेकर अब ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन ने एक बयान जारी किया है। राष्ट्रपति वेन के फॉरेन अफेयर्स पत्रिका में छपे लेख में चीन को साफ चेतावनी दी है कि चीन अगर ताइवान पर अतिक्रमण करता है तो पूरे एशिया में इसके हानिकारक परिणाम होंगे। आगे उन्होंने लिखा है कि ताइवान कभी युध्द जैसी स्थिति नहीं चाहता है, ना ही सैन्य टकराव। लेकिन अपने आपको बचाने के लिए जो भी जरूरी प्रयास करने पड़े उन्हें ताइवान करेगा ,किसी भी हालात में चूकेगा नहीं ।ताइवान राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे वक्त आया है जब चीन ताइवान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। चीन आज भी ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि ताइवान पर चीन कब्जा करके रहेगा। वहीं ताइवान अपने आपको अलग स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता हैँ।

चीन के बयानी हमले और ताइवान पर दबाव
चीन ने राष्ट्रीय दिवस के मौके पर दो बार ताइवान के हवाई रक्षा क्षेत्र में लड़ाकू विमानों की उड़ान भरी,जिसे पीएलए ने एक अभ्यास बताया।   चीन ने अपनी ताकत औऱ संपन्नता को दिखाते हुए,ताइवान पर सैन्य,राजनयिक और आर्थिक दबाव बढ़ाए है। इसी कड़ी में ही चीन अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन कर ताइवान को डराना की कोशिश कर रहा है।

ताइवान के चीन पर आरोप, बींजिग ने ताइवान के प्रति अपनी महत्वाकाक्षांओं को कभी नहीं छोड़ा

कुछ दिन पहले ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने चीन पर तालिबान के नक्शे कदम पर चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चीन तालिबान की तरह ताइवान पर कब्जा करना चाहता है। आगे उन्होंने कहा था,ताइवान बीजिंग के साम्यवाद या मानवीय अपराधों के अधीन नहीं होना चाहता। चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स भी लेख चुका है कि जो अमेरिका अफगानिस्तान में तालिबान को रोक नहीं पाया वो ताइवान में चीन को क्या रोक पाएगा? गेलोबल टाइम्स अपने लेख में तालिबान के नक्शे कदम पर ताइवान को चीन में मिलाने की वकालत कर चुका है।  

चीन और ताइवान के बीच खराब होते माहौल के बीच यूएसए राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात की है।  अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि  समझौते का पालन किया जाएगा।  राष्ट्रपति बाइडन ने शी जिनपिंग से यह बातचीत ऐसे वक्त में  की , जब चीन पिछले पांच दिनों में 100 से ज्‍यादा लड़ाकू विमान ताइवान के हवाई रक्षा क्षेत्र में भेज चुका है।



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