Basti: बस्ती के लोगों को मिलेगी प्रदूषण से मुक्ति, किसानों का भी होगा फायदा, जानें कैसे?


रिपोर्ट: कृष्ण गोपाल द्विवेदी

बस्‍ती. वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे के बीच बस्ती जनपदवासियों के लिए खुशखबरी है. कृषि विभाग की पहल से अब जनपदवासियों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यही नहीं कृषि विभाग द्वारा दिए जाने वाले निःशुल्क बायो डी कंपोजर का इस्तेमाल करके किसान अपने खेत की उर्वरक शक्ति भी बढ़ा सकेंगे. इससे न सिर्फ पैदावार में वृद्धि होगी बल्कि खाद का पैसा भी बच सकेगा. इससे उनकी आमदनी का औसत भी बढ़ेगा. इस पहल से न सिर्फ किसानों को पराली जलाने की समस्या से निजात मिलेगा बल्कि पर्यावरण को भी प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी.

बस्‍ती जिला कृषि अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि एक ड्रम या टंकी में 200 लीटर पानी लेकर उसमें 2 किलो गुड़ अच्छे से मिला लें. साथ ही प्रशासन द्वारा दिए जाने वाला डी कंपोजर को उसी ड्रम या टंकी में डाल दें. इसको अच्छी तरह गुड़ पानी के मिश्रण के साथ मिला लें और फिर बर्तन को पॉलिथीन से ढककर एक हफ्ते के लिए छोड़ दें. एक हफ्ते बाद घोल को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं. जबकि प्रति एकड़ 200 लीटर बायो डी कंपोजर के घोल का इस्तेमाल किसानों द्वारा अपने खेतों में करना होता है.

किसान करें ये काम
जिला कृषि अधिकारी ने आगे बताया कि किसान भाई अपने खेत को रोटावेटर या कटर द्वारा अच्छे से जुताई करवा लें, ताकि पराली के अवशेष छोटे छोटे टुकड़े में बदल जाएं. फिर खेत की अच्छी तरह सिंचाई करके उसमें बायो डी कंपोजर को इस तरह मिलाएं कि वह पूरे खेत में मिश्रित हो जाए. फिर उसमें छटवा विधि द्वारा गेंहू की बुवाई कर दें. पराली और डी कंपोजर मिलकर 40 दिनों में खेत की मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ा देगा, जिससे किसानों को खाद का प्रयोग भी कम करना पड़ेगा और उनकी पैदावार भी बढ़ जाएगी.

डिप्टी डायरेक्टर एजी अनिल कुमार ने बताया कि हम लोग किसानों को जागरूक करने के लिए हर न्याय पंचायत में गोष्ठी का आयोजन कर रहे हैं. गांव गांव जाकर माइक लाउडस्‍पीकर के माध्यम से किसानों को डी कंपोजर का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य भी किया जा रहा है. इसका हमें फायदा भी मिल रहा है, जहां पिछली बार लगभग 30 मामले पराली जलाने के आए थे. वहीं, इस बार अभी तक मात्र 2 ही मामले आए हैं.

कहां से प्राप्त करें बायो डी कंपोजर
किसान अपने अपने ब्लॉक के सीडी स्टोर पर जाकर बायो डी कंपोजर को निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, साऊघाट ब्लॉक के किसान राम चरित्र ने बताया कि बायो डी कंपोजर सरकार की एक अच्छी पहल है. मैं पहले भी इसका इस्तेमाल कर चुका हूं और मैंने पाया कि बायो डी कंपोजर का इस्तेमाल करके हमारे खेत की पैदावार क्षमता भी बढ़ गई है. वहीं, सदर ब्लॉक के किसान परमात्मा प्रसाद ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए बताया कि बायो डी कंपोजर के इस्तेमाल से उन्हीं किसानों को फायदा मिलेगा जिनके पास कम खेती हो और वो खुद से खेती करते हों. हमारे घर में मात्र 4 सदस्य हैं जो नौकरी पेशा हैं और हमें डी कंपोजर को खेतों में छिड़काव करने के लिए लेबर की जरूरत पड़ेगी जिससे हमारा बचा कुचा प्रॉफिट भी चला जाएगा, इसलिए अगर सरकार को डी कंपोजर के छिड़काव को बढ़ावा देना है तो उनको किसानों को सब्सिडी भी देनी चाहिए.

Tags: Air pollution, Basti news, Farmers, UP news



Source link