Aligarh News:संदीप हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता की जमानत खारिज, तीन अन्य को मिली सशर्त बेल – Sandeep Murder Case Main Conspirator Bail Rejected From Hc


संदीप गुप्ता हत्याकांड
– फोटो : अमर उजाला

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अलीगंज के चर्चित सीमेंट सप्लायर व लॉजिस्टिक कारोबारी संदीप गुप्ता हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल की जमानत हाईकोर्ट से खारिज कर दी गई है। अदालत ने 9 जनवरी के अपने आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि इस मुकदमे का ट्रायल जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस तरह इस मामले में आरोपी पक्ष को यह तगड़ा झटका लगा है।

पश्चिमी यूपी के लॉजिस्टिक कारोबार व सीमेंट सप्लाई कारोबार में खासा रसूख रखने वाले संदीप गुप्ता की 27 दिसंबर 2021 की शाम गांधी आई तिराहे पर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संदीप की हत्या सारसौल निवासी उनके रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल ने साजिश रचकर कराई है। अंकुश ने 20 लाख रुपये की सुपारी जिले की टॉप-10 सूची में शामिल अपराधी प्रवीन बाजौता को दी। 

उसने अपने साथी हाथरस के जितेंद्र उर्फ कंजा व अपने तयेरे भाई प्रदीप संग मिलकर यह हत्या की। इस कांड में पुलिस स्तर से साजिश व रैकी में अंकुश सहित दस लोग जेल भेजे गए। इस मुकदमे सभी आरोपियों की जमानत सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं। अब हाईकोर्ट में अंकुश के अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे खारिज कर जल्द से जल्द मुकदमे का ट्रायल पूरा कर निस्तारण के आदेश दिए हैं।

शूटर प्रवीन के भाई प्रदीप सहित तीन को सशर्त जमानत

इसी मामले में हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की जमानत मंजूर की है। जिनमें मुख्य शूटर व हत्या के वक्त साथ में मौजूद प्रवीन बाजौता के भाई प्रदीप, अंकुश के साथ साजिश में शामिल अनुराग उर्फ पार्थ व रामघाट रोड के मोटर गैराज संचालक अंकुश के दोस्त दुष्यंत चौधरी शामिल हैं। तीनों की सशर्त जमानत मंजूर करते हुए प्रत्येक तारीख पर न्यायालय में हाजिर होने, गवाहों या पीड़ित पक्ष को न धमकाने, ट्रायल में सहयोग करने आदि शर्तों का उल्लेख किया है। 

हालांकि अभी तीनों की गैंगस्टर में जमानत होना शेष है। इसलिए रिहाई संभव नहीं है। बता दें कि इस मुकदमे में जमानत पाने वालों की संख्या अब पांच हो गई है। इससे पहले साजिश के आरोपी राजीव अग्रवाल व एक अन्य उत्कर्ष की जमानत मंजूर हुई थी। मगर उत्कर्ष अपहरण के दूसरे मुकदमे में फिर जेल भेजा गया है।



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