Agra: क्यों भीषण गर्मी में नागपुर से दिल्ली पैदल आ रहे हैं 200 युवा, जानें पूरा मामला


रिपोर्टर- हरीकांत शर्मा

आगरा. इस भीषण गर्मी और उमस में जब हमारा और आपका मन एक मिनट के लिए भी बाहर निकलने को नहीं करता है, तो ऐसे में लगभग 150 से 200 युवा महाराष्ट्र के नागपुर से पैदल चलकर आगरा पहुंचे हैं. डेढ़ महीने में उन्होंने 850 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया है. जबकि इनकी मंजिल दिल्ली है.

2018 में एसएससी (SSC) ने अर्धसैनिक बल के लिए लगभग 60,210 वैकेंसी निकाली थी, जिनमें से 54,000 को जॉब दे दी गई है. वहीं, बिना किसी कारण बताए 5000 ऐसे अभ्यार्थियों को जॉब नहीं मिली है, जिन्होंने अपना फिजिकल और मेडिकल पास कर लिया है. इसके अलावा इन 5000 अभ्यार्थियों को वाज़िब वजह भी नहीं बताई गई है कि आखिरकार उन्हें जॉब क्यों न दी जाए? जबकि वो सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर चुके हैं. अब ऐसे लगभग 200 युवा जिनमें लड़के लड़कियां शामिल हैं, दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं और उनका यह सफर नागपुर से शुरू हुआ है.

जॉब के लिए कैमरे पर मांगी भीख, आंखों से छलके आंसू
हाथों में तिरंगा लिए एक लाइन में चलते हुए इन अभ्यार्थियों के पास जब News 18 लोकल की टीम पहुंची तो सभी भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वह नौकरी की खातिर दिल्ली पैदल चलकर जा रहे हैं. यह सफर महाराष्ट्र के नागपुर से शुरू हुआ है. नागपुर में भी 72 दिनों तक इन लोंगो ने प्रोटेस्ट किया था. तब उनकी संख्या केवल 40 से 50 थी, फिर उन्होंने तय किया कि वह केंद्र सरकार की नींद खोलने के लिए पैदल मार्च करेंगे. हाथों में तिरंगा लेकर पैदल ही महाराष्ट्र से दिल्ली की तरफ निकल पड़े. कई लोगों ने बातचीत के दौरान बताया कि वह पिछले 6 महीनों से अपने घर नहीं गए हैं और लगभग डेढ़ महीने से वह पैदल यात्रा में शामिल हैं. पश्चिम बंगाल की रहने वाली काजल ने कैमरे पर दिल्ली के सिपहसालारों से नौकरी की भीख मांगी और इस दौरान उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े.

रास्ते में आ रही है बेहद कठिनाइयां ,कभी-कभी नहीं मिलता है खाना
अब तक का सफर आसान नहीं था. ये 200 अभ्यर्थी अलग-अलग राज्यों से आते हैं. इनको रास्ते में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा दिक्कत खाने-पीने और सोने की होती है. कभी कभार इन्हें खाना मिलता है तो कभी नहीं. जहां जगह मिलती है, वहीं रात को थोड़ा बहुत सो जाते हैं. रास्ते में गुजरते वक्त आस पास के गांवों कस्बों और शहरों के लोगों से मदद मांगते हैं.वहां के प्रधान और सरपंचों से कॉन्टेक्ट करते हैं. जैसे तैसे कर खाने का इंतजाम हो पाता है. सबसे ज्यादा दिक्कत साथ चल रही लड़कियों को उठानी पड़ रही है. लड़कियों को नहाने और कपड़ा बदलने के लिए जगह नहीं मिलती है.

पैरों में पड़ गए छाले ,कई लोग हो गए रास्ते में ही बीमार.
पैदल चलते-चलते आधे से ज्यादा लोगों के पैरों में छाले पड़ गए हैं और कई साथी उनके रास्ते में ही बीमार पड़ गए. कई को तेज बुखार हो गया, तो कई गर्मी की वजह से बीमार पड़ गए. ऐसे कई साथी उनके रास्ते में ही छूट गए और उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए वापस भेज दिया गया.

अब केवल दिल्ली के दरबार से है उम्मीद
इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी दिल्ली में प्रोटेस्ट किया था, तब नितिन गडकरी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह गृह मंत्री अमित शाह से बात कर जल्द समस्या का समाधान कराएंगे. हालांकि सब वादे हवा-हवाई साबित हुए. अब एक बार फिर से दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं .उम्मीद है कि जल्द ही दिल्ली के दरबारों से उन्हें राहत मिलेगी. उनका कहना है कि उन पांच हजार को नौकरी ना दें चलेगा, लेकिन जो लोग पिछले डेढ़ महीने से पैदल चलकर दिल्ली पहुंच रहे हैं उन लोगों को तो कम से कम नौकरी दी जाए. अब देखने वाली बात होगी कि क्या दिल्ली पहुंचकर इन अभ्यर्थियों को राहत मिल पाएगी ?

Tags: Agra news, SSC exam



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