Actress meera chopra get vaccinated with fake id she denies allegations | प्रियंका चोपड़ा की बहन मीरा चोपड़ा ने लगवाया फर्जी तरह से वैक्सीन ! जानिए पूरा मामला


डिजिटल डेस्क,मुंबई। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को तबाह करके रख दिया। देशभर में इसकी दूसरी लहर चल रही है, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो गई है। कोरोना की इस चेन को तोड़ने का एकमात्र तरीका हैं वैक्सीनेशन, जिसके लिए देश के हर कोने में लोगों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा हैं कि, आम लोग वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे है। इस बीच इंडस्ट्री के गलियारें से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसमें वैक्सीन लगवाने के लिए फेक आईडी का इस्तेमाल किया गया है। दरअसल, प्रियंका चोपड़ा की कजिन बहन और एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा के ऊपर फर्जी तरीके से वैक्सीन लगवाने का मामला सामने आया है। हाल ही में तेलुगू फिल्मों की एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है, लेकिन उन पर आरोप हैं कि, उन्होंने मुंबई के ठाणे में मौजूद एक हेल्थकेयर सेंटर का फेक आईडी कार्ड बनवाया और बाद में 18-44 साल की कैटगरी में शामिल हो गई। इस तरह उन्होंने अपना वैक्सीनेशन करवाया है।

किसने लगाया आरोप

आईडी में मीरा चोपड़ा को फ्रंटलाइन वर्कर बताया गया है। मीरा की ये फेक आईडी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें ठाणे महानगरपालिका में कार्यरत एक निजी हेल्थ केयर कंपनी ने कोविड सेंटर में सुपरवाइजर दिखाया गया था। बता दें कि, एक्ट्रेस के ऊपर ये गंभीर आरोप बीजेपी के एक नेता मनोहर डुंबरे के द्वारा लगाया गया है। डुंबरे के अनुसार, मीरा ने फेक तरीके से पार्किंग प्लाजा वैक्सीनेशन सेंटर पर कोरोना वैक्सीन लगवाई है। डुंबरे ने मीरा पर सिर्फ आरोप ही नहीं लगाया बल्कि ठाणे पुलिस कमिश्नर से मीरा के साथ-साथ उस वैक्सीनेशन सेंटर पर कितने लोगों ने फेक तरीके से वैक्सीन लगवाई है, इस पूरे मामले पर जांच करने की मांग की है। 

मामला कब हुआ उजागर
इस पूरे मामले पर किसी को कुछ नहीं पता था, लेकिन जैसे ही मीरा ने वैक्सीन लगवाने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की वैसे ही ये मामले सबके सामने उजागर हो गया। विवाद बढ़ता देख मीरा ने अपनी फोटो डिलीट कर दी। वहीं बीजेपी नेताओं का दावा हैं कि, वैक्सीन लगवाने के लिए ऐसी धोखाधड़ी बड़े स्तर पर चल रही है। 

मीरा चोपड़ा ने जारी किया बयान
विवाद होता देख मीरा चोपड़ा ने खुलकर अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी और सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मीरा ने लिखा कि, “हम सभी टीकाकरण करवाना चाहते हैं और हम सभी ऐसा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी तरह मैंने उन लोगों से भी मदद मांगने की कोशिश की जिन्हें मैं जानती हूं और 1 महीने की कोशिश के बाद मैं खुद को एक केंद्र में पंजीकृत कराने में सक्षम हुई।” मीरा आगे लिखती हैं कि, “मुझे बस अपना आधार कार्ड भेजने के लिए कहा गया था। जो आईडी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, वह मेरी नहीं है। मुझसे पंजीकरण के लिए मेरा आधार कार्ड मांगा गया था और मैंने केवल वही आईडी दी थी। कोई भी आईडी तब तक मान्य नहीं है जब तक कि उसमें आपके हस्ताक्षर न हो। मैंने खुद, उस तथाकथित आईडी कार्ड को पहली बार देखा, जब यह ट्विटर पर आया। मैं इस तरह की प्रथाओं की पूरी तरह से निंदा करती हूं और अगर ऐसी कोई आईडी बनाई गई है तो मैं जानना चाहती हूं कि कैसे और क्यों। 

 





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