आखिर ये कैसा पानी, पीने से हो जाती हैं हड्डियां टेढ़ी, पानी की टंकी और हैंडपंप पर दिखता है लाल निशान


आगरा. आगरा के तीन गांव ऐसे हैं जहां जिंदगी दूषित पानी से घिसट रही है. किसी की कमर झुकी है तो कोई टेढ़े होकर किसी तरह बस दो कदम चल पाता है. कुछ लोग तो बिस्तर पर ही ज्यादातर वक्त पड़े रहते हैं. हालात इतने भयावह हैं कि लोग इस गांव में शादी करने से भी बचते हैं. यहां के ग्रामीण इस फ्लोराइड युक्त पानी का सेवन कर अपनी जिंदगी दांव पर लगाने को मजबूर हैं.

आगरा से 25 किमी दूर खेड़ा पचगाई के इन तीनों गांवों में फ्लोराइड युक्त पानी ने जिंदगी तबाह कर दी है. आबादी करीब 22 हजार है. करीब 12 साल पहले पानी में फ्लोराइड बढने लगा. ये पानी पीकर ग्रामीणों की हड्डियां टेढ़ी होने लगीं. वर्ष 2016 में यहां बनी पानी की टंकी और हैंडपंप पर लाल निशान लगा दिया. बहुत भागदौड़ हुई लेकिन यहां आज भी लोगों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो पाया.

फ्लोराइड युक्त पानी से बेबस हुई जिंदगी
बरौली अहीर के गांव खेड़ा, पचगाई और पट्टी पचगाई में बड़ी संख्या में पानी ने बच्चों, बूढ़ों और युवाओं को दिव्यांग बना दिया. न्यूज 18 की टीम ने गांव पंचगई पहुंचकर ग्रामीणों से बात की तो ग्रामीण बेहद निराश नजर आए. फ्लोराइड वाला पानी पीने की बेबसी से इनका भविष्य अंधेरे में हैं. हालात इतने खराब हैं कि दिव्यांगों की इस गांव में भरमार है. गांव वालों ने न्यूज़ 18 को बताया कि बहुत वादे किए गए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ.

कई दिव्यांग, कुछ की मौत
दिव्यांगता के अंधेरे में फंसे इस गांव के लोग इतने निराश हैं कि अब उन्होंने अपनी जानलेवा समस्या की फरियाद करना भी छोड़ दिया. ग्रामीण कहते हैं कि कुछ लोग दिव्यांग होकर बिस्तर पर पड़े हैं. कई की मौत तक हो गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. न्यूज 18 की टीम पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें आज भी खतरनाक पानी से मुक्ति मिलने और साफ पानी आने का इंतजार है.

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