आगरा में धूल खा रहा है गांधी जी का ऐतिहासिक स्मारक, यहां एक तिरंगा तक नहीं लगा!


हाइलाइट्स

आगरा में 11 दिन रुके थे महात्मा गांधी
अब धूल खा रहा यहां का स्मारक

रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा

आगरा: देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. देशवासी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के जश्न में डूबे हुए हैं. ऐसे में स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को देश नमन कर रहा है. लोग शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. महापुरुषों की कहानी सुना रहे हैं. ऐसे में आइए आज हम आपको आजादी के सबसे बड़े नायक महात्मा गांधी का आगरा कनेक्शन बताते हैं. क्या आपको पता है कि आगरा के बेबी ताज कहे जाने वाले एत्माद्दौला के बगल में एक गांधी स्मारक बना है? इस जगह पर गांधीजी आजादी के आंदोलन को तेज करने के लिए 11 दिन तक रुके थे.

इतिहासकार बताते हैं कि जब जंग-ए-आजादी का ऐलान हुआ था, तब आंदोलन को गति देने के लिए गांधी जी देश के अलग-अलग हिस्सों में दौरे कर रहे थे. उसी दौरान सन 1929 में गांधीजी आगरा भी आये थे. तभी उनकी तबीयत खराब हो गई. जिसके कारण उनको यहां 11 दिन रुकना पड़ा था.

11 दिन रुके थे गांधी जी
जब देश से अंग्रेजों को जड़ से उखाड़ने के लिए महात्मा गांधी आंदोलन कर रहे थे. उसी दौरान सितंबर 1929 में गांधी जी आगरा आए थे. यहां उन्होंने क्रांतिकारी, व्यापारियों, जौहरियों समेत आम जनमानस से मुलाकात की थी. इस दौरान गांधीजी का स्वास्थ्य खराब हुआ. जिसके कारण उनको यहां 11 दिन तक रुकना पड़ा था. जिस जगह पर गांधीजी रुके उसे अब गांधी स्मारक कहा जाता है. यह स्मारक काली नदी के तट पर है.

साफ सफाई तक नहीं हुई
आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. तमाम स्मारकों को तिरंगा की रोशनी में रंगा जा रहा है. लेकिन आगरा प्रशासन, गांधी जी के स्मारक को भूल गया है. पूरे साल यह स्मारक बंद रहता है. यहां केवल गांधी जयंती के दिन कुछ लोग आकर सफाई करते हैं. आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के इस दौर पर ना तो इस स्मारक की सफाई की गई है और ना ही इस पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया है. जबकि इसके ठीक बिल्कुल बगल में एत्माद्दौला है जिसे बेबी ताज कहा जाता है. उसे तिरंगा की रोशनी में सजाया गया है. प्रशासन की नजर अब तक इस गांधी स्मारक पर नहीं पड़ी है. असामाजिक तत्व यहां पर आए दिन जुआ खेलते हैं, शराब पीते हैं, और स्मारक को भी नुकसान पहुंचाते हैं.

इस स्मारक में गांधीजी से जुड़ी तमाम ऐतिहासिक चीजें रखी गई हैं. उनका चरखा, घड़ी, चश्मा यहां रखी हुई हैं. हालांकि प्रशासन की लापरवाही के कारण ये सब धूल खा रही हैं. इनकी साफ सफाई करने वाला कोई नहीं है. यहां जाले लगे हुए हैं. यहां तक कि गांधीजी के स्टेच्यू पर साफ कपड़ा तक नहीं है. गांधीजी के स्टेचू को बस एक सफेद कपड़े से ढक दिया गया है.

Tags: Agra news, Chief Minister Yogi Adityanath, CM Yogi, Mahatma gandhi, Uttarpradesh news



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