25 करोड़ बकाया रखना पड़ा महंगा, अब सील होगा वेव ग्रुप का ऑफिस, जानें क्या है तैयारी

25 करोड़ बकाया रखना पड़ा महंगा, अब सील होगा वेव ग्रुप का ऑफिस, जानें क्या है तैयारी


नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन लगातार बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. अब वेव मेगा ग्रुप से बकाया वसूलने के लिए कार्यालय को सील करने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है. इसकी जिम्मेदारी तहसीलदार के नेतृत्व में गठित राजस्व विभाग की टीम को दी गई है. इनसे बकाया वसूलने के लिए पहले ही आरसी जारी की जा चुकी है. एसडीएम दादरी आलोक गुप्ता के नेतृत्व में वेव मेगा ग्रुप और उन्हीं के उप्पल चढ्ढा ग्रुप पर करीब 25 करोड़ के बकाए की आरसी हैं, जिनके कार्यालय को सील करने के तैयारी है.

सीलिंग तोड़ने पर अब चल संपत्ति भी होगी सील
एसडीएम दादरी आलोक ने बताया कि इससे पहले करीब आठ करोड़ के बकाये के चलते जेएसएस ग्रुप के कार्यालय को तहसील प्रशासन की टीम ने 7 जनवरी को सील किया था, लेकिन बिल्डर ने इस सरकारी सील को तोड़कर वहां पर फिर से काम प्रारम्भ कर दिया था. जिस पर बिल्डर के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया है और अब उसकी चल संपत्ति को भी जब्त करने के निर्देश तहसील की टीम को दे दिए गये हैं. इसके अलावा करीब ढाई करोड़ के बकायेदार एलिगेंट इंफ्राकॉन बिल्के संचालक अभय के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया है.

इन पर भी हो चुकी कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा स्थित बिल्डर गायत्री हास्पिटलिटी के कार्यालय को सील किया जा चुका है. इस पर रेरा का करीब नौ करोड़ रुपये बकाया था. इसके अलावा उनके द्वारा करीब दस करोड़ के बकाये के चलते JSS ग्रुप के ग्रेटर नोएडा कार्यालय को भी सील किया जा चुका है. ढाई करोड़ के बकाये को अदा ना करने पर एलिगेंट बिल्डर के कार्यालय को सील किया जा चुका है और करीब दस करोड़ का का बकाया अदा ना करने पर एलिगेंट बिल्डर के कार्यालय को भी सील किया जा चुका है. अन्य बकायेदार बिल्डर के खिलाफ भी तहसली की राजस्व वसूली की टीम सख्त कार्रवाई कर रही है.

ई निलामी के जरिए वसूला जाएगा बकाया
दिसंबर में प्रदेश सरकार ने ई-नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इससे प्रदेश में बिल्डरों से खरीदारों के करीब 1400 करोड़ रुपये की वसूली होनी है. जिले में मतगणना के बाद पहली बार ई-नीलामी कराई जाएगी. इसके लिए रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है. इस कार्ड में बिल्डर के खिलाफ जारी आरसी, कुल धनराशि, कुल वसूली, बकाया धनराशि, कुर्क संपत्ति, बाजार में कीमत समेत पूरा ब्योरा तैयार कर लिया गया है.

यूपी रेरा की 1326 आरसी हैं ये 601 करोड़ रुपये की है. इसमें दादरी तहसील में 422 करोड़ की 970 आरसी और सदर तहसील में 178 करोड़ की 356 आरसी हैं. 44 बिल्डरों की 382 करोड़ की कुल 309 संपत्ति को कुर्क किया गया है. कुर्क संपत्ति में फ्लैट, विला, प्लॉट आदि शामिल हैं। सबसे अधिक सुपरटेक बिल्डर की संपत्ति कुर्क की गई हैं. प्रशासन पहले इन संपत्ति को नीलाम करेगा.

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